कोयलांचल में बीसीसीएल व आउटसोर्सिंग कम्पनियों द्वारा चल रही धांधली की जांच विधानसभा कमेटी करेंगी उधर सहारा में निवेशकों के डूबे पैसे को दिलाने को लेकर प्रदीप यादव ने सदन का ध्यान आकृष्ट कराया
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान राज्य के कोयलांचल क्षेत्र में बीसीसीएल पदाधिकारियों व आउटसोर्सिंग कम्पनियों की चल रही धांधली और गैर-जिम्मेदाराना हरकतों पर चंद्रदेव महतो ने सवाल उठाया। जिस पर अरुप चटर्जी ने भी सहयोग किया और कहा कि इन इलाकों में रैयतों और सरकारी जमीनों की लूट मची है और इन सरकारी जमीनों के राजस्व को भी ये चूना लगा रहे हैं।
अरुप चटर्जी ने साफ कहा कि सच्चाई की अगर जांच हो जाये तो जो सरकार एक करोड़ 36 लाख रुपये की मांग केन्द्र से कर रही हैं, ये राशि और बढ़ेंगी। इसी पर उमाकांत रजक, जयराम महतो, सरयू राय, मथुरा महतो ने इसके लिए विधानसभा की एक जांच कमेटी बनाने की मांग की, जिसे मंत्री ने स्वीकार कर लिया और विधानसभाध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो से इस संबंध में जल्द एक कमेटी बनाने का अनुरोध कर दिया।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में प्रदीप यादव ने सहारा में निवेशकों के डूबे रुपये का मुद्दा सदन में उठाया और सरकार से एक पोर्टल बनवाने का अनुरोध किया, जिसमें निवेशक अपने नाम दर्ज करा सकें और उसकी सूची बनें। प्रदीप यादव ने यहां कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के हित में फैसले दिये थे। लेकिन उसके बावजूद भी निवेशकों के समस्या हल नहीं हुए।
इस मुद्दे पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि उनके विभाग ने सेन्ट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कॉपरेटिव सोसाइटी को छः-छः बार पत्र लिखे हैं, जिसका अब तक कोई जवाब नहीं आया है। चूंकि इस मुद्दे पर नियंत्रण केन्द्र सरकार का है। प्रदीप यादव ने कहा कि अच्छा रहेगा कि आप एक पोर्टल बनाये, जिसमें दो व्यक्ति नामित करें, जो इस संबंध में संबंधित एजेंसियों से बात करेंगी। संघर्ष करना पड़ेगा। तभी कुछ निकल पायेगा।