अपनी बात

सी पी सिंह ने प्रमाण के साथ स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो को साफ बता दिया कि सदन झारखण्ड विधानसभा कार्य संचालन नियमावली के तहत नहीं चल रहा, ऐसे में क्यों न तारांकित प्रश्न को समाप्त कर दिया जाये

झारखण्ड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान जब अल्पसूचित प्रश्नकाल समाप्त हो गये और तारांकित प्रश्न के दौरान स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने समीर कुमार मोहंती का नाम पुकारा। तभी सदन में बैठे रांची के विधायक व पूर्व स्पीकर चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने व्यवस्था को लेकर कुछ बोलने के लिए अपने आसन से उठने की इजाजत स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो से मांगी।

स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने भी चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह का सम्मान करते हुए उन्हें बोलने की इजाजत दी। चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि ये सदन झारखण्ड विधानसभा कार्य संचालन नियमावली के तहत चलता है। उनका सुझाव है कि जो तारांकित प्रश्न लिये जा रहे हैं। उसे समाप्त कर दिया जाये।

नियमावली कहती है कि अल्पसूचित प्रश्नकाल 20 मिनट का होगा और तारांकित प्रश्नकाल 40 मिनट के होंगे। लेकिन यहां 44 मिनट अल्पसूचित प्रश्न को दिया गया तो तारांकित वालों को तो समय ही नहीं मिल पा रहा। स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने चंद्रश्वेर प्रसाद सिंह की बातों का समर्थन किया।

चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने स्पीकर से पूछा कि हम सदन को संचालन नियमावली से चलाना चाहते हैं या उसका महत्व नहीं हैं, अगर महत्व नहीं हैं तो माननीय स्पीकर जो कहेंगे, उनकी बातों को मानने के लिए मैं बाध्य हूं। चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह के इस बात पर स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सदन संचालन का नियमावली तो हैं ही, वो सर्वोपरि है। लेकिन कभी-कभी सदन के माननीयों के भावनाओं के अनुरूप भी निर्णय लेना पड़ता है। ऐसा कभी-कभी हो गया हैं। लेकिन आपकी बातों का ध्यान रखा जायेगा।

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