बाल कोना

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चंपक वन का राजा लुप्तेन्द्र सियार और घास का पकौड़ा

बहुत दिनों की बात हैं, चंपक नामक लोकतांत्रिक वन में एक लुप्तेन्द्र नामक सियार रहा करता था, उसकी दिली इच्छा थी कि वह चंपक वन का राजा बने तथा वर्षों तक शासन करता रहे। लुप्तेन्द्र में वाकपटुता थी ही, वह जहां भी भाषण देता।

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उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता – विवेकानन्द

बहुत दिनों से तुमलोगों से किसी गंभीर विषय को लेकर बात नहीं हुई, सोचता हूं समय भी है और हमारे देश के एक महान आध्यात्मिक पुरुष स्वामी विवेकानन्द का जन्मदिवस भी है, ऐसे में क्यों न तुमलोगों से अपने मन की बात कह दूं। स्वामी विवेकानन्द ने कहा था क्या भारत समाप्त हो जायेगा?  अगर हां तो, दुनिया से आध्यात्मिकता समाप्त हो जायेगी, सब नैतिक पूर्णताओं का अवसान हो जायेगा।

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पिता का पत्र, अपने सैनिक बेटे के नाम…

मेरे प्यारे बच्चों,
तुम लोगों से मोबाइल पर बातचीत हो जाती है, तो आनन्द आ जाता है। मैं जानता हूं कि तुम विपरीत परिस्थितियों में सीमा पर तैनात हो, फिर भी हमें हंसाने और खुश रखने के लिए हंसकर-मुस्कुराकर बातें करते हो।

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