अपनी बात

जिन्होंने चुनाव जीताया, उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने, आभार प्रकट करने तथा उन्हें अपने हाथों से सम्मानित करने उनके इलाके में पहुंच गये पूर्व स्पीकर व पूर्व नगर विकास मंत्री रहे वर्तमान रांची विधायक सीपी सिंह

भाजपा का एक विधायक, जिसने विधानसभा चुनाव जीतने के बाद जिनके वोटों से वो जीता, उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए शुक्रवार की रात चुटिया आ पहुंचा और प्रत्येक वरिष्ठ नागरिकों को स्वयं के हाथों से सम्मानित किया, आभार प्रकट किया और कहा कि वे आपलोगों को नहीं भूल सकते, क्योंकि आपकी वजह से वो फिर से विधानसभा पहुंचे है। ये विधायक थे – रांची के चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह, जिन्हें लोग सीपी सिंह के नाम से भी जानते हैं।

उन्होंने उस इलाके के हर वरिष्ठ नागरिकों व संभ्रांत नागरिकों को गेरुआ गमछा से सम्मानित किया। जो उनके कार्यक्रम में उपस्थित थे और सभी के आगे प्रेमपूर्वक नतमस्तक भी हुए। ज्यादातर देखा गया है कि विधायक बनने के बाद व्यक्ति अपने मतदाताओं को भूल जाता है। उसके इलाके में आना पसन्द नहीं करता। जब कोई बुलाने भी जाता हैं तो वो भाव खाता है। सीपी सिंह में वो बात देखने को नहीं मिलती। ये सरल हैं। सहज हैं और सहृदय भी हैं। स्वयं द्वारा गलती होने पर क्षमा मांगने में भी ये देर नहीं करते।

संयोग से, जहां ये कार्यक्रम था। वहां विद्रोही24 भी पहुंचा था। जब सीपी सिंह को लोगों ने कुछ बोलने को कहा तो वे खुब बोले। उन्होंने भ्रष्टाचार पर भी खुब बात की। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार की बात करते हैं। लेकिन वे पूछना चाहते है कि क्या कल भ्रष्टाचार नहीं था। अरे भ्रष्टाचार तो हर समय रहा हैं। हेरा-फेरी मैं कौन नहीं लगा है?

हां, एक्सेप्शेन हर जगह हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को हमें विधानसभा के कांफ्रेस हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलना है, पर क्या बोलना हैं, क्या बोलेंगे, इसकी तैयारी भी उन्होंने अब तक नहीं की है। उन्होंने कहा कि और बोलेंगे भी तो क्या बोलेंगे, पहले हम जिन्हे सुधारने या सुधरने को कह रहे हैं, पहले खुद को तो सुधार लें।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का उदाहरण देखिये। अगर कोई मालदार व्यक्ति किसी मंदिर में चला जाये तो वहां के पंडित को देखिये कि कैसे उस व्यक्ति का आवभगत करता है और ठीक उसी समय कोई सामान्य व्यक्ति पहुंच जाये, जिससे उसको एक अधेला तक नहीं मिलना है, देखिये वो पंडित कैसे उस व्यक्ति को टलकाता है। अरे मालदार व्यक्ति की पूजा विशेष तरीके से होंगी और सामान्य व्यक्ति एक टीके के लिए तरस जायेगा।

अब इसका मतलब ये भी नहीं कि हम भ्रष्टाचार से लड़ना छोड़ दें। भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने की ओर बढ़े ही नहीं। हम सब की जिम्मेदारी है कि भ्रष्टाचारमुक्त समाज को बनाने को आगे आये। उन्होंने कहा कि हमारा ज्यादा विकास का पैसा इन्हीं इलाकों में खर्च होता है। लेकिन फिर भी कई लोग हमसे नाराज है। हाल ही के चुनाव में कई लोगों ने कहा कि पिछली बार तो सीपी सिंह चार-पांच हजार वोट से ही जीते। इस बार तो इनका जाना तय है। लेकिन आपलोगों की कृपा से फिर विधानसभा पहुंच गये। दरअसल ये मानव-स्वभाव है। आप सभी को खुश नहीं रह सकते।