अपनी बात

चार घंटे बीत गये फेसबुक पर बने BJP Jharkhand एकाउंट पर आदित्य नाथ योगी के रील को डाले, पर लाइक्स 85, कमेन्ट्स दो और सेन्ड 30 ही मात्र मिले, अब आप इसी से समझिये कि भाजपा झारखण्ड में कहां है?

झारखण्ड में भाजपा की स्थिति ठीक नहीं दिख रही। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय मंत्रियों का समूह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी तक यहां पहुंच कर सभा कर चुके हैं। लेकिन जो जनता का समर्थन उन्हें मिलना चाहिए, वो मिलता नहीं दिख रहा। स्थिति ऐसी है कि बीजेपी झारखण्ड नाम से जो भाजपा वालों ने फेसबुक पर अपना एकाउंट खोल रखा हैं। उस एकाउंट को भी खंगालें तो आपको पता लग जायेगा कि यहां भाजपा की क्या स्थिति हैं?

आज ही भाजपा के फायर ब्रांड नेता व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी का कई जगहों पर कार्यक्रम था। जिसे लेकर भाजपा के आईटी सेल के लोगों ने खूब रील बनाये और उसे फेसबुक एकाउंट पर डाल दिया। लेकिन सच्चाई क्या है कि उस रील को बने चार घंटे से ज्यादा बीत गये और आदित्य नाथ योगी जैसे व्यक्तित्व के रील पर मात्र 85 लाइक्स, मात्र दो कमेन्ट्स और मात्र तीस सेन्डिंग ही दिखाई पड़ रहे हैं। जो यह बताने के लिए काफी है कि लोग भाजपा से अब बिदकते जा रहे हैं।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब तक जितने भी भाजपा के नेताओं के भाषण हो चुके हैं। उनसे ज्यादा भीड़ तो राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की सभा में उमड़ रही हैं। जितनी झामुमो के रील में लाइक्स, कमेन्ट्स और सेन्डिंग के समर्थन मिल रहे हैं। उतनी तो भाजपा के दो दिनों के बाद भी दिखनेवाले रील को उतने समर्थन नहीं मिल रहे। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा न तो जमीन पर और न ही सोशल साइट पर कही दिखाई पड़ रही हैं।

राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है कि जिस प्रकार से मीडिया पर भाजपावाले अंधाधुंध पैसे खर्च कर रहे हैं। उन्हें विज्ञापन से मालामाल कर, हवा बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उसके विपरीत झामुमो ने अब तक ऐसा कोई काम नहीं किया हैं। लेकिन उसके बावजूद भी उसके वोटरों और समर्थकों पर भाजपा का जादू नहीं चल पाया हैं।

उलटे भाजपा में कई ऐसे समर्पित कार्यकर्ता है कि इस बार भाजपा को सबक सिखाने में जूटे हैं। कोई ऐसा इलाका नहीं हैं, जहां भाजपा अपने ही लोगों से झगड़ नहीं रही हो। अब तो भाजपा के लोग अपने ही लोगों को सबक सिखाने में लगे हैं। ये भाजपा के लोग उनलोगों को पार्टी से छः साल के लिए निलंबित कर रहे हैं, जो कब के भाजपा को बाय-बाय करके निकल चुके। चुनाव लड़ रहे और भाजपा के जीत पर प्रश्न चिह्न लगा चुके हैं।

कुल मिलाकर देखा जाये, तो इस डिजिटल युग में, सोशल साइट के युग में भाजपा का इस प्रकार पिछड़ना और झामुमो जैसी पार्टी का सशक्त होकर उभरना सब कुछ कह दे रहा हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि भाजपा अगर अब भी नहीं सुधरी तो वो दस से पन्द्रह सीटों पर ही सिमट जायेगी। हाल ही में रांची में हेमन्त सोरेन की रोड शो ने भी बहुत कुछ कह दिया था, लेकिन भाजपा के लोगों को तो लग रहा है कि प्रभात खबर ने अपना दो पृष्ठ, एक विज्ञापन के बदले दे दिया, हमारी भक्ति में लग गया। अब तो बस जीत हमारी पक्की हैं। प्रभात खबर तो इतनी ही भक्ति 2019 में भी दिखाई थी, क्या हुआ? रिजल्ट मालूम ही होगा भाजपा के नेताओं को।