अपनी बात

झारखण्ड विधानसभा द्वारा विधायकों के लिए आयोजित विशेष प्रबोधन सह प्रशिक्षण शिविर से 81 विधायकों में से 59 विधायकों ने दूरियां बनाई, दूरियां बनानेवालों में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक शामिल

झारखण्ड विधानसभा द्वारा आयोजित झारखण्ड विधानसभा सभागार में षष्ठम झारखण्ड विधानसभा के 81 सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम से 59 विधायकों ने दूरियां बना ली। दूरियां बनाने में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने प्रमुख भूमिका निभाई। आश्चर्य है कि सभागार में माननीयों के लिए लगी कुर्सियों पर प्रेस दीर्घा समिति से जुड़े पत्रकार और अन्य मीडियाकर्मी बैठे नजर आये।

झारखण्ड के 81 विधायकों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह को आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, पूर्व स्पीकर रहे सीपी सिंह और वर्तमान स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो प्रमुख रूप से शामिल हुए।

आश्चर्य है कि ग्रूपिंग फोटो को देखकर कोई भी पता लगा सकता है, या विधायकों को गिन सकता है और बता सकता है कि यहां इस कार्यक्रम को लेकर यहां के माननीयों में कितनी रुचि थी। कार्यक्रम जिसने भी रखा था, वो प्रशंसनीय था। लेकिन जिनके लिए रखा गया था, जब वे ही प्रशिक्षण के लिए तैयार न हो, तो फिर इस प्रकार के कार्यक्रम की कोई अहमियत नहीं रह जाती।

प्रबोधन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का कल अंतिम दिन है। अब देखिये कल विधायकों की संख्या बढ़ती है या आज से भी कम हो जाती है। झारखण्ड विधानसभा में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल पूर्व स्पीकर व रांची के विधायक सीपी सिंह ने भी विधायकों द्वारा इस कार्यक्रम में रुचि नहीं दिखाने, भाग नहीं लेने पर, मंच से ही प्रतिक्रिया दे दी। उन्होंने कहा कि यहां एक चौथाई से भी कम विधायकों की उपस्थिति बहुत कुछ कह देती है। ये विधायकों का कार्यक्रम के प्रति उदासीनता को दिखाता है।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम में विधायकों की अनुपस्थिति बहुत कुछ कह देती है कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति कितने सचेत हैं। अब कल यानी अंतिम दिन की क्या स्थिति रहती हैं, ये तो कल ही पता चलेगा, लेकिन आज की स्थिति बता दी कि झारखण्ड के ज्यादातर माननीयों को कोई प्रशिक्षण दें, शायद उन्हें पसन्द नहीं।