पूर्णिमा साहू ने 86 बस्ती, नीरा यादव ने कोडरमा के होल्डिंग टैक्स, मंजू देवी ने अनुसूचित जाति आयोग, हेमलाल मुर्मू ने समुचित चिकित्सा के अभाव में पहलवान की मृत्यु का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में उठाया
झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र का आज 16वां दिन, सदन सात मिनट विलम्ब से शुरु हुआ। सदन की शुरूआत आज ध्यानाकर्षण सूचनाएं से शुरु हुई। सदन की शुरुआत होते ही स्पीकर ने मंजू देवी का नाम पुकारा। मंजू देवी ने सवाल किया कि अनुसूचित जाति आयोग का कार्यकाल कब का समाप्त हो गया। लेकिन इसका पुनर्गठन नहीं हुआ। आखिर क्यों?
इस पर मंत्री चमरा लिंडा का कहना था कि अनुसूचित जाति आयोग निर्माण के लिए नियमावली बनाई जा रही है। नियमावली बनने में करीब एक महीने लगेंगे। इधर नियमावली बनी और उधर अनुसूचित जाति आयोग का गठन भी जायेगा और जल्द ही उसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का भी चयन हो जायेगा।
मंजू देवी का कहना था कि क्या जब अनुसूचित जाति आयोग का गठन हुआ था तो उस वक्त नियमावली नहीं बनी थी। मंत्री चमरा लिंडा का कहना था कि नियमावली को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके कारण विलम्ब हो रहा है। जल्द ही एक महीने के अंदर अनुसूचित जाति आयोग अस्तित्व में आ जायेगा।
नीरा यादव ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में कोडरमा में होल्डिंग टैक्स में चल रही विसंगतियों का मामला सदन में उठाया। नीरा यादव का कहना था कि धनबाद, गिरिडीह आदि जिलों की अपेक्षा कोडरमा में होल्डिंग टैक्स कुछ ज्यादा ही हैं। जिससे वहां के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हेमलाल मुर्मू ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में गत 25 फरवरी को रांची के रिम्स में कुश्ती पहलवान का समुचित इलाज नहीं होने के कारण हुई मृत्यु का मामला सदन में उठाया। उनका कहना था कि राज्य में 1005 डाक्टरों के बीच मात्र 275 डाक्टर है। 2158 मेडिकल ऑफिसरों के बीच मात्र 1248 ही मेडिकल ऑफिसर है। सरकार बताये कि वो नियामक प्राधिकार बनायेंगी या नहीं। मंत्री इरफान अंसारी ने स्वीकारा कि राज्य में बहुत सारे चिकित्सकों की कमी हैं। कई छोड़ कर जा भी चुके हैं। जल्द ही इस ओर सरकार ध्यान देने जा रही है। समस्या का समाधान करने के लिए वे तैयार हैं।
जमशेदपुर पूर्व की विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की बहू पूर्णिमा साहू ने जमशेदपुर की 86 बस्ती का मामला सदन में उठाया। पूर्णिमा साहू का कहना था कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कल्पना सोरेन ने 86 बस्ती के लोगों से वादा किया था कि वो उन्हें उनका मालिकाना हक दिलवायेंगी।
लेकिन अब जब सरकार सत्ता में हैं तो 86 बस्तीवालों को सरकार मालिकाना हक नहीं दिलवा रही। मंत्री दीपक बिरुआ का कहना था कि सरकार ने इस मामले पर वहां के उपायुक्त को उनकी बंदोबस्ती के लिए कहा था। लेकिन वहां के लोग ही इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार व्यवस्था दे रही हैं, लेकिन वे मान नहीं रहे, तो ऐसे में तो उन्हें हम अतिक्रमणकारी ही कहेंगे।
इसी बीच मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि उसी 86 बस्ती में रघुवर नगर भी बसा है। वहां रघुवर फंड भी लगा है। क्या वो फंड लीगल है या इलीगल? रामदास सोरेन के इस कथन पर पूर्णिमा साहू का कहना था कि वहां रघुवर नगर बसा है या नहीं, ये तो जांच का विषय है। पूर्णिमा साहू ने यह भी कहा कि कल चुनाव के समय वादा किया था कि ये मालिकाना हक देंगे और आज बहाना बना रहे हैं, तो ऐसे में उन्हें यानी कल्पना सोरेन को ये वादा नहीं करना चाहिए था।