होटल कावेरी के भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए विधायकों के कई निजी सहायकों ने विधानसभाध्यक्ष को लिखा शिकायत पत्र
झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र में भाग ले रहे विधायकों के कई निजी सहायकों ने झारखण्ड विधानसभाध्यक्ष को पत्र लिखकर होटल कावेरी द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्धता पर सवाल उठा दिये हैं। इनका कहना है कि कावेरी को इस व्यवस्था से बाहर किया जाय ताकि भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्धता में सुधार लाया जा सकें और सभी निजी सहायकों को पर्याप्त एवं स्वस्थ भोजन उपलब्ध हो सकें।
निजी सहायकों ने अपनी शिकायतों में इस बात की चर्चा की हैं कि कावेरी द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा भोजन, उनके लिए समस्या उत्पन्न कर रही हैं। कावेरी द्वारा प्रतिदिन अपर्याप्त मात्रा में भोजन व मिठाइयां लाई जाती है, जिसमें से अधिकतर सामग्री महज दस से पन्द्रह मिनटों में समाप्त हो जाती है। दोबारा मांगने पर कहा जाता है कि खत्म हो गया, जबकि निजी सहायकों का खाना हुआ ही नहीं रहता, मेज पर थाली/ मिठाई की प्लेट ऐसे ही रखी हुई होती हैं।
निजी सहायकों ने कहा है कि पिछले शुक्रवार को मांसाहारी खाद्य पदार्थ में कीड़ा मिला था और उस मांसाहारी खाद्य पदार्थ को खाने में सामान्य प्रतीत नहीं हो रहा था, जिसकी शिकायत प्रबंधक से की गई थी। किसी भी विषय अथवा अनुपलब्धता की शिकायत करने पर प्रबंधक द्वारा सभी से दुर्व्यवहार किया जाता है। जो अस्वीकार है।
निजी सहायकों ने इस बात की भी चर्चा की है कि जिस अनुसार भोजन का बिल बनता है, निजी सहायकों को उसका पच्चीस प्रतिशत भोजन भी प्राप्त नहीं होता। मंत्रीगणों के चैंबर में भी भोजन उपलब्ध करवाने में कावेरी के मैनेजर द्वारा मना कर दिया जाता है, जो अनुचित है। कावेरी द्वारा जब भी कही सरकारी कार्यक्रम में फूड स्टॉल लगाया जाता है, वहां भी निजी सहायकों को भोजन ना देने हेतु पूरा प्रयास इनके द्वारा किया जाता है, जिससे उनका दूषित मनोभाव का पता लगता है।