अपनी बात

झारखण्ड पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने बैठे-बिठाये भाजपा को दिया विधानसभा में हंगामा खड़ा करने का मौका, कल भाजपा सदन में उठायेगी होली में हिन्दूओं पर हुए पथराव व बमबाजी का मुद्दा, सरकार को कटघरे में रखने की तैयारी

झारखण्ड पुलिस के वरिष्ठतम पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की अकर्मण्यता-शिथिलता, अपने ड्यूटी के प्रति बरती गई लापरवाही ने राज्य की प्रमुख विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को बैठे-बिठाये विधानसभा में हंगामा खड़ा करने का मौका दे दिया है। ज्ञातव्य है कि झारखण्ड विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। होली की छुट्टी के बाद कल यानी मंगलवार से सदन चलेगा।

लेकिन गिरिडीह के घोड़थंबा में जो होली खेल रहे हिन्दू समुदाय के लोगों पर जिस प्रकार से एक समुदाय द्वारा पत्थरबाजी की गई। बमबाजी की गई। उससे भाजपा के नेता तथा उससे जुड़े सारे संगठन गुस्से में हैं और उन्हें बैठे-बिठाये आंदोलन करने का टॉनिक यहां के पुलिस पदाधिकारियों ने पिलवा दिया।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विद्रोही24 से बातचीत में स्वीकारा कि वे और उनके विधायक इस मुद्दे को कल सदन में जोर-शोर से उठायेंगे और सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे। गिरिडीह में जो भी हुआ, वो बर्दाश्त योग्य नहीं हैं। यहां सरकार और उसकी मशीनरियां पूरी तरह फेल साबित हुई हैं।

राजनीतिक पंडित कहते हैं कि मंगलवार को सदन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में उनके विधायकों ने जिस प्रकार से इस मुद्दे को उठाने की तैयारी की है। उससे लगता है कि कल हंगामा तय है। सदन का प्रश्नकाल बाधित होना तय है। हो सकता है कि कल सदन का प्रथम पाली पूरी तरह हंगामें की भेंट चढ़ जाये।

राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा होली के पूर्व राज्य के सभी प्रमुख वरीय प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों की बैठकोंपरांत दिये गये दिशा-निर्देश के बावजूद गिरिडीह के घोड़थंबा में घटी घटना इन सारे अधिकारियों की निष्क्रियता को दर्शाता हैं, नहीं तो घोड़थंबा में इतनी बड़ी घटना नहीं घटती।

राजनीतिक पंडितों का यह भी कहना है कि आखिर किसी हिन्दू पर्व के आने के पहले मस्जिद या उसके आस-पास भारी संख्या में पत्थर व बम कहां से आ जाते हैं? आखिर कौन इसे इक्ट्ठा करता है? आखिर इतनी बड़ी हिंसक हमले की तैयारी कोई कर लेता हैं और पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगती? इसका मतलब है कि पुलिस के लोगों का जो काम हैं, वे काम न कर, वे वो सारे काम करते हैं, जो इन्हें नहीं करने चाहिए। नहीं तो, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की सरकार पर घोड़थंबा का दाग नहीं लगता।

इधर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घोड़थंबा जाकर वहां के प्रभावितों से मिले और उनसे बातचीत की। बातचीत के बाद, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया सोशल साइट पर दी। जिसमें उन्होंने लिखा कि गिरिडीह के घोड़थंबा में हिंदू समाज के लोगों पर हुए हमले को पूरी तैयारी के साथ सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है।

घटनाक्रम से प्रतीत होता है कि पेट्रोल बम, शीशे के बोतल, ईंट, पत्थर आदि इकट्ठे कर होली के दौरान हिंदुओं पर हमले की तैयारी पहले से कर ली गई थी। हेमंत सरकार का खुफिया तंत्र इस हमले की साजिश को भांपने में विफल रहा। उन्होंने यह भी लिखा कि सामाजिक सौहार्द की दुहाई देकर हेमंत सरकार उपद्रवियों का बचाव करते हुए हिंदू समाज को इस घटना का दोषी ठहराने का प्रयास कर रही है। प्रशासन द्वारा हिंदू समाज के ऊपर किए जा रहे अत्याचार और दमनात्मक कारवाई की वे निंदा करते हैं। साथ ही, सरकार को चेतावनी देते हैं कि निर्दोष हिंदुओं की रिहाई करें, अन्यथा उपद्रवियों के साथ-साथ सरकार के भी होश ठिकाने लगा दिये जायेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *