अपनी बात

झारखण्ड के वरीय पुलिस पदाधिकारियों का अतुलनीय प्रयास रंग लाया, प्रश्नकाल हंगामें की भेंट चढ़ा, विद्रोही24 ने एक दिन पूर्व ही दिया था संकेत, नेता प्रतिपक्ष ने गिरिडीह मुद्दे पर सरकार को घेरा, तत्काल बहस की मांग की

सचमुच झारखण्ड के वरीय पुलिस पदाधिकारियों का अतुलनीय प्रयास रंग लाया। आखिरकार आज प्रश्नकाल हंगामें की भेंट चढ़ ही गया। विद्रोही24 ने कल ही इसकी भविष्यवाणी कर दी थी कि आज जब सदन की शुरुआत होगी तो भाजपा के विधायक गिरिडीह मुद्दे को लेकर हंगामा अवश्य ही खड़ी करेंगे और ठीक वैसा ही हुआ। सदन जैसे ही छह मिनट विलम्ब से शुरु हुआ। स्पीकर ने प्रश्नकाल की शुरुआत करते हुए प्रदीप यादव का नाम पुकारा।

स्पीकर के नाम पुकारने के पूर्व ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी अपने आसन से उठ चुके थे। नेता प्रतिपक्ष को आसन से उठा देख, स्पीकर रवीन्द्र नाथ महतो ने उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गिरिडीह में जो हिंसक घटनाएं घटी है, वो खतरनाक के साथ-साथ सुनियोजित भी है।

उन्होंने कहा कि होली खेल रहे लोग जब रास्ते से गुजर रहे थे तो पुलिसवालों ने उन्हें रोका। वे रुके और उन पर एक वर्ग के लोगों ने जमकर पत्थरबाजी की, बमबाजी की। यहीं नहीं दुकानें जलाई गई। मोटरसाइकिल फूंक दी गई। उसके बाद प्राथमिकी दर्ज की जाती है। जिसमें दोनों वर्गों से 80 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाती है। जिसंमें 40 हिन्दू और 40 मुस्लिमों के नाम है। यहीं नहीं जो 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई। उनमें भी ग्यारह हिन्दू और ग्यारह मुस्लिम है।

कहने का मतलब कि जिसने गलती की। उसे आप गिरफ्तार करें ये क्या कि इसमें भी दोनों पक्षों से बराबरी करवाई जा रही है। हिन्दू समुदाय के लोगों ने क्या गलती की थी? वे तो हाथों में रंग-अबील गुलाल लिये थे। उनके खिलाफ प्राथमिकी आश्चर्य में डालता है। यही नहीं, आनेवाले समय में ईद, रामनवमी और सरहुल भी है, इसलिए ये स्थिति फिर से उत्पन्न न हो, इसके लिए हम चाहेंगे कि सदन में प्रश्नकाल को स्थगित कर सरकार इस मुद्दे पर बहस कराएं।

नेता प्रतिपक्ष के बयान के बाद स्पीकर ने जब प्रश्नकाल जारी रखनी चाही तो सदन में हंगामा मच गया। भाजपा के सारे विधायक वेल में आ गये और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसी बीच मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि विपक्ष गिरिडीह की घटना का एकपक्षीय चित्रण कर रहा है। यहां प्रशासन की प्रशंसा करनी चाहिए कि उसने जल्द ही इस पर कठोर कार्रवाई करके स्थिति को संभाला। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

इधर भाजपा विधायक वेल में आकर विभिन्न प्रकार के सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। इधर स्पीकर सभी विधायकों को अपने आसन पर जाने का अनुरोध करते रहे। तभी नवीन जायसवाल के साथ अन्य कुछ भाजपा के विधायक मेज पीटना शुरु कर दिये। जब सदन आर्डर में होता स्पीकर ने नहीं देखा तो सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इधर सदन में हंगामा चल रहा था और उधर सत्तापक्ष के कुछ विधायक जैसे श्वेता सिंह, अनूप सिंह, भूषण बाड़ा और जयराम महतो हमेशा की तरह मोबाइल में खुद को व्यस्त किये रहे।

आज झारखण्ड विधानसभा में भाजपा द्वारा किये गये हंगामें पर राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अगर झारखण्ड पुलिस इसी प्रकार से अपनी ड्यूटी निभाती रही, तो आनेवाले दिनों में भाजपा को ज्यादा मेहनत करने की जरुरत नहीं पड़ेगी, ये झारखण्ड पुलिस ही भाजपा को राज्य में लोकप्रिय कर देगी, क्योंकि आनेवाले समय में कई त्यौहार पाइप लाइन में हैं। झारखण्ड पुलिस और उसके वरीय पदाधिकारी तथा प्रशासनिक पदाधिकारी कैसे अपने ड्यूटी का निर्वहण कर रहे हैं और कैसे अपने मुख्यमंत्री द्वारा दी गई हिदायतों का पालन कर रहे हैं, उसका नमूना भर है गिरिडीह के घोड़थंबा में घटी हिन्दूओं पर पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं और उसके बाद इस मामले पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी।

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