अपनी बात

पूरा झारखण्ड राममय होने को तैयार, रामभक्तों ने लगाया जोर, हर गली, हर मुहल्ले रामनामी व महावीरी झंडों से पटें, कही मंदिरों में नवाह्न पाठ तो कही दुर्गासप्तशती के मंत्र हो रहे गुंजायमान

पूरा झारखण्ड राममय होने को तैयार होने लगा है। रामभक्तों ने पूरे राज्य को राममय बनाने के लिए जोर लगा दिया है। झारखण्ड के हर गली, हर मुहल्ले रामनामी व महावीरी झंडों से पटे पड़े हैं। विभिन्न मंदिरों में नवाह्न पाठ तो कही दुर्गासप्तशती के मंत्र गुंजायमान हो रहे हैं। चूंकि इसी दौरान चैती छठ भी चल रहा है। ऐसे में कई घरों में छठि मइया और भगवान भास्कर के गीत भी खुब सुनने को मिल रहे हैं।

विद्रोही24 जब आज सुबह से ही रांची के कई इलाकों में घुमने की ठानी, तो पाया कि कोई ऐसी जगह नहीं थी। जहां महावीरी और रामनामी पताके लहरा न रहे हो। कोई ऐसा मंदिर हमें नहीं मिला, जहां श्रीरामचरितमानस के नवाह्न परायण नहीं चल रहे हो। कोई ऐसा देवी मंदिर नहीं दिखा, जहां मां के भक्त, मां का निहोरा कर उनसे आशीर्वाद लेने की प्रार्थना न कर रहे हो। इसी बीच कई घर ऐसे भी दिखाई पड़े जहां छठि मइया को आज प्रथम अर्घ्य देने की तैयारी भी चल रही थी।

गोस्वामी तुलसीदास ने ठीक ही लिखा है कि जाकी रही भावना जैसी। प्रभू मूरत देखी तिन तैसी।। मतलब जिसकी जैसी भावना रही। भगवान की प्रतिमा उसी प्रकार की उन्हें दिखी। हम जो देखने को सुबह में निकले। वो हमें अक्षरशः देखने को मिला और जिन्हें ये चीजें नहीं दिखी, हम उन्हें दिखाने की कोशिश भी नहीं करेंगे, क्योंकि लाख कोशिशों के बावजूद वैसे लोग, वो चीज देख ही लेंगे, जो हम देख रहे हैं। उसकी संभावना कम ही हैं।

कई दुकानदारों को देखा कि वे अपने दुकानों के मुख्यद्वारों को महावीरी और रामनामी पताकों से सजाये हुए थे। मकसद रामभक्तों को अपनी ओर आकृष्ट करना तथा महावीरी पताकों को उनके घर तक संप्रेषित करना था। ऐसे भी इस प्रकार का दृश्य केवल इसी वासंती नवरात्र के समय ही दिखता है। जैसे ही नवरात्र खत्म हो जायेगा। इस दृश्य को देखने के लिए फिर एक वर्ष का इंतजार करना पड़ेगा।

रांची का सर्वाधिक पुराना चुटिया का राम मंदिर का कहना ही क्या? इस मंदिर को बड़े ही भव्य ढंग से सजाने का काम चल रहा है। यहां प्रतिदिन भक्तों/श्रद्धालुओं का आना जारी है। चूंकि रामनवमी निकट है। इसलिए यहां आनेवालों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यहां राम मंदिर होने का ही प्रभाव है कि पूरा चुटिया धीरे-धीरे रामनामी/महावीरी व भगवा पताकों से पटता जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि इन भगवा पताकों को देखकर आप इन दृश्यों को कैद करने के लिए आप स्वयं को बिना मोबाइल निकाले उसे कैद करने का प्रयास किये बिना नहीं रह पायेंगे।

कई घरों में भी विद्रोही24 ने देखा कि श्रीरामचरितमानस का नवाह्न परायण चल रहा है। घर के सारे सदस्य भक्तिभाव से श्रीरामचरितमानस के चौपाइयों व दोहों से स्वयं को अभिभूत कर रहे हैं। कई जगहों पर यह भी देखा गया कि लोग दुर्गासप्तशती का पाठ करवा रहे हैं और परमानन्द का सुख प्राप्त कर रहे हैं। ये मनोरम व मनोहारि दृश्य आगामी छह अप्रैल तक दिखेगा। जिस दिन भगवान श्रीराम का प्राकट्योत्सव है। जिस दिन सारा विश्व कहेगा – सो सुखधाम राम अस नामा। अखिल लोक दायक विश्रामा।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *