आज जब दूसरी और तीसरी पीढ़ी की महिलाएं आती हैं और कहती हैं मेरा भी जन्म आपके हाथों से हुआ था, तो मन प्रफुल्लित हो जाता है और उस समय लगता है कि मैंने सही रास्ता चुना थाः डॉ. शिवानी झा
भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरुप माना गया है और आज की नारी घर की जिम्मेदारियों से लेकर हर क्षेत्र में देश की प्रगति में योगदान दे रही है, आज हम देख रहें हैं कि देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के रूप में महिला हैं, झारखण्ड विधानसभा में 12 महिला और लोकसभा में 74 महिला सांसद अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही है।
इसके अलावे भी देश की कई महत्वपूर्ण पदों को आज महिला सुशोभित कर रही है, यह हम सब के लिए गर्व की बात है। ये कहना है झारखण्ड की सुप्रसिद्ध महिला चिकित्सक व धनवाद निवासी डा. शिवानी झा का। डा। शिवानी झा आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उनसे मिलने आई कई महिलाओं के बीच अपना वक्तव्य देकर उनका प्रोत्साहन कर रही थी।
उन्होंने कहा कि आज के इस अवसर पर वो उन सभी महिलाओं को सन्देश देना चाहती हैं कि आपकी रूचि जिस क्षेत्र में हो बेहिचक आप उस क्षेत्र को चुने। बाधाएं आएगी पर निडर होकर उसका सामना करें। उन्होंने भी जब इस क्षेत्र को चुना था तो कई बाधाएं आई थी। पर उसका निराकरण भी होता चला गया। आज 40 वर्ष से चिकित्सा के क्षेत्र में वो हैं। हजारों सूनी माँ के गोद में किलकारी भरने का मौका मिला है।
डा. शिवानी झा ने कहा कि आज जब दूसरी और तीसरी पीढ़ी की महिलाएं आती हैं और कहती हैं मेरा भी जन्म आपके हाथों से हुआ था। मन प्रफुल्लित हो जाता है और उस समय लगता है कि मैंने सही रास्ता चुना था। उन्होंने कहा कि वो आज इस विशेष दिन महिला दिवस के अवसर पर उन सभी महिलाओं को सलाम करती हैं। जिन्होंने अपने साहस, समर्पण और मेहनत से समाज में एक मिसाल कायम की है।