हजारीबाग के इचाक में महाशिवरात्रि के अवसर पर साउंड सिस्टम लगाने को लेकर दो समुदाय आपस में भिड़े, हुई पत्थरबाजी, की आगजनी, पुलिस माहौल को शांत कराने में जुटी, राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
झारखण्ड के हजारीबाग स्थित इचाक प्रखण्ड के डुमरौन गांव में बुधवार को साउंड सिस्टम लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। ये हिंसक झड़प इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते तीन मोटरसाइकिल और एक कार आग के हवाले कर दी गई। पत्थरबाजी भी जमकर हुई। बताया जाता है कि महाशिवरात्रि को लेकर हिन्दू समुदाय के लोग उक्त इलाके में साउंड सिस्टम लगाने की कोशिश कर रहे थे, जिसे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ऐसा करने से रोका।
फिर क्या था, देखते ही देखते दोनों ओर से पथराव शुरु हो गया और आगजनी शुरु हो गई। स्थानीय जिला प्रशासन की बात मानें तो वहां माहौल फिलहाल शांत हैं, पुलिस गश्त कर रही है। इधर इस घटना को लेकर राजनीतिक बयान भी आने शुरु हो गये हैं। राज्य के मंत्री इरफान अंसारी ने इस घटना को लेकर आरएसएस पर निशाना साधा हैं।
उन्होंने कहा है कि इस प्रकार की घटना से अंत में युवाओं की ही हानि होगी, बेवजह वे कानून के पचड़े में पड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी स्थानीय पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारियों से बात हुई हैं और उन्हें कह दिया है कि जो लोग इस घटना के जिम्मेदार हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों से कड़ाई से निबटें। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही इस घटना के जिम्मेवार लोग जेल के भीतर होंगे।
उधर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि उन्होंने इस प्रकार की घटना देख-सुन कर आश्चर्य होता है कि आखिर केवल हिन्दू समुदाय के पर्वों पर ही ऐसी घटना देखने और सुनने को क्यों मिलती है। उन्होने यह भी कहा हो सकता है कि इस घटना के पीछे भी बांगलादेशी घुसपैठियों का हाथ हो। उन्होंने कहा कि एक तरफ दूसरे भाजपा शासित राज्यों में बांगलादेशी घुसपैठियों को वहां से निकालने का काम शुरु हो गया है। लेकिन झारखण्ड में तो दूसरी बात ही देखने को मिल रही है।